भारत सरकार की सभी पंचवार्षीक योजनाएं | FIVE YEARs PLANS OF INDIA in hindi

भारत सरकार की पंचवर्षीय योजनाएं (FIVE YEAR PLANS OF INDIA) हर 5 साल में देश के आर्थिक सामाजिक और भौगोलिक विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाती है. जिसका पदसिद्ध अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते है. पंचवर्षीय योजनाएं योजना आयोग (1950) जिसका गठन 15 मार्च 1950 को हुआ था इसके द्वारा गठित की जाती है, परंतु 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग का नाम बदलकर नीति (NITI) आयोग नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया कर दिया गया.

पंचवार्षीक योजनाओं का इतिहास

पहली बार पंचवार्षिक योजना का उगम सोवियत संघ में जोसेफ स्टालिन द्वारा वर्षं 1928 में किया गया था बाद में इसी के मॉडल पर भारत, भूटान और चीन में पंचवर्षीक योजना की शुरुआत की गई. भारत मे 1951 से लेकर 2017 तक कुल 12 पंचवार्षिक योजनाएं हुई थी बाद में भाजपा सरकार ने पंचवर्षीय योजनाएं बंद कर दी.

भारत सरकार की सभी पंचवार्षीक योजनाएं | FIVE YEARs PLANS OF INDIA in hindi

पहली पंचवर्षीय योजना (1951 – 1956)

पहली पंचवर्षीय योजना में कृषि और सिंचाई को प्राथमिकता दी गई थी.

योजना के अध्यक्ष प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे. यह योजना हेरॉल्ड और डोमर मॉडल पर आधारित थी.

इस योजना में भाखड़ा नांगल, व्यास परियोजना, दामोदर नदी परियोजना, समुदाय विकास कार्यक्रम (1952) आदि चलाए गए थे. इस योजना का वृद्धि दर 2.1% रखा गया था जबकि प्राप्त वृद्धि दर 3.6% था, यह योजना सफल रही.

दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956 – 1961)

यह योजना पी. सी महलनोबिस मॉडल पर आधारित थी.

इस योजना ने तिव्र औद्योगिक करण और सार्वजनिक क्षेत्र पर जोर दिया था.

इस योजना में राउरकेला स्टील प्लांट वर्ष 1959 में उड़ीसा में जर्मनी के मदद से स्थापित किया गया था.

भिलाई इस्पात संयंत्र वर्ष 1959 में रूस के मदद से छत्तीसगढ़ में बनाया गया था.

दुर्गापुर स्टील प्लांट वर्ष 1962 में यूनाइटेड किंगडम के मदद से पश्चिम बंगाल में स्थापित किया गया.

इस योजना का लक्षित वृद्धि दर 4.5% था परंतु इसे थोड़ा काम 4.27% विकास दर प्राप्त हुआ.

तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961 – 1966)

यह योजना सुखमय चक्रवर्ती मॉडल पर आधारित है. इस योजना में कृषि और गेहूं के उत्पादन में सुधार करने पर जोर दिया गया था.

 इस योजना में बोकारो स्टील प्लांट वर्ष 1964 में सोवियत संघ के सहयोग से झारखंड में बनाया गया था.

 योजना का वृद्धि दर 5.6% रखा गया परंतु वास्तविक विकास दर 2.4% रहा.

 भारत – चीन युद्ध 1962, भारत – पाकिस्तान युद्ध 1962 और 1965 के सुखे के वजह से यह योजना सफल रही. तीसरी पंचवर्षीय योजना के सफलता के बाद केंद्र सरकार ने 1966 से 1969 तक वार्षिक योजनाएं चलाई, इसे पहला योजना अवकाश के नाम से जाना जाता है।

चौथी पंचवर्षीय योजना (1969 – 1974)

यह योजना इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पेश की गई थी.

 यह योजना गाडगिल फार्मूले पर आधारित थी.  स्थिरता के साथ विकास और आत्म निर्भरता पर जोर दिया गया था.

 14 प्रमुख बैंक को का राष्ट्रीयकरण और हरित क्रांति ने कृषि को बढ़ावा दिया था.  भारत में हरित क्रांति (1965 – 1968) के जनक एम. एस. स्वामीनाथन को कहा जाता है.

लक्षित वृद्धि दर 5.6% था परंतु वास्तविक दर 3.6% था.

पांचवी पंचवार्षिक योजना (1974 – 1978)

इस योजना में रोजगार बढ़ाने और गरीबी हटाने पर जोर दिया गया था.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की शुरुआत इसी योजना में की गई थी.

इस योजना का लक्षित वृद्धि दर 4.4% था और वास्तविक विकास दर 4.8% था.

वर्ष 1978 में मोरारजी देसाई सरकार ने यह योजना खारिज कर दी जिस वजह से इस योजना का कार्यकाल 4 वर्ष का ही रहा. जनता पार्टी सरकार ने पांचवी पंचवर्षीय योजना खारिज कर दी और नई छठी पंचवर्षीय योजना शुरू की परंतु 1980 में इंदिरा गांधी जी प्रधानमंत्री बनी और कांग्रेस पार्टी ने यह योजना खारिज कर दी.

वर्ष 1978 से 1980 तक दूसरा योजना अवकाश चला

छठी पंचवर्षीय योजना (1980 – 1985)

इस योजना में परिवार नियोजन कार्यक्रम चलाया गया.

शिवरामन समिति के सिफारिश पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक(NABARD) की स्थापना की गई इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है.

लक्षित वृद्धि दर 5.2% था जबकि वास्तविक वृद्धीदर 5.7% था.

सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985 – 1990)

यह योजना प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में चलाई गई थी.  इसमें प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से प्रौद्योगिकी उत्पादन के सुधार पर जोर दिया गया.

 लक्षित वृद्धि दर 5% था और वास्तविक वृद्धि दर 6.01% था.

 1990 से 1992 तक कोई भी स्थिर सरकार न होने की वजह से वार्षिक योजनाएं चलाई गई थी प्रधानमंत्री नरसिंह राव के नेतृत्व में उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण (LPG)की शुरुआत की गई.

आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992 – 1997)

 इसी समय प्रधानमंत्री रोजगार योजना की शुरुआत की गई थी.  1 जनवरी 1955 को भारत विश्व व्यापार संगठनव (WTO) का सदस्य भी बना.  इसमें पंचायत और नगर पालिकाओं को शामिल करने पर जोर दिया गया.

 लक्षित वृद्धि दर 5.6% था और वास्तविक वृद्धि दर 6.8% था

नौवी पंचवर्षीय योजना (1997 – 2002)

इस योजना में सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास पर भर दिया गया.

लक्षित वृद्धि दर 7.1% थी जबकि वास्तविक वृद्धि दर 6.1% रही.

दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002 – 2007)

इस योजना का उद्देश्य गरीबी 50% कम करना और 80 मिलियन लोगों को रोजगार देना था.

लक्षित वृद्धि दर 8.1% था जबकि वास्तविक विविध दर 7.6% था.

ग्याराहवी पंचवर्षीय योजना (2007 – 2012)

यह योजना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में चलाई गई थी.  इस योजना में शिक्षा पर जोर दिया गया था.

 वर्ष 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रस्तुत किया गया जिसे वर्ष 2010 में लागू किया गया इसमें 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा निशुल्क और अनिवार्य था.

 लक्षित वृद्धि दर 9% था जबकि वास्तविक वृद्धि दर 8% था.

बाराहवीं पंचवर्षीय योजना (2012 – 2017)

इस योजना का उद्देश्य तीव्र, अधिक समावेशी और धारणीय विकास था और सभी गांव में बिजली प्रदान करना उच्च शिक्षा प्रदान करना आदि.  योजना के अंत तक प्रजनन दर 2.1% करने का लक्ष्य रखा गया था.

 वृद्धि दर 9% रखने का निर्णय लिया गया था लेकिन राष्ट्रीय विकास परिषद ने 8% विकास दर हासिल करने की मंजुरी दी.


पंचवर्षीय योजना पर बार-बार पूछे गए प्रश्न

किस पंचवर्षीय योजना में भाखड़ा नांगल परियोजना स्थापित की गई थी?

     उत्तर:- पहली पंचवर्षीय योजना

किस पंचवर्षीय योजना में गरीबी हटाओ का नारा दिया गया था?

     उत्तर:- पांचवी पंचवर्षीय योजना

वर्ष 1969 में इंदिरा गांधी ने कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था?

     उत्तर:- 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था